कोनसे है ये 4 शरीर के अंग जिसको धूम्रपान नुकसान पहुंचाता है जानिए

708
आज के वर्तमान समय में बहुत से लोग ऐसे हैं जो धूम्रपान करते हैं। धूम्रपान करने से उनकी सेहत ख़राब हो जाती हैं तथा उनके शरीर में कई तरह की समस्या जन्म लेने लगती हैं। आज जानने की कोशिश करेंगे शरीर के कुछ ऐसे अंगों के बारे में जिन अंगों को धूम्रपान करने से नुकसान पहुंचाता हैं तथा इससे इंसान शारीरिक और मानसिक तौर पर बीमार हो जाता हैं और उनकी सेहत ख़राब रहने लगती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की धूम्रपान शरीर के इन 4 अंगों को पहुंचाता है नुकसान।
1 .ह्रदय को, धूम्रपान ह्रदय को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता हैं। इससे इंसान की सेहत ख़राब हो जाती हैं और धीरे धीरे ह्रदय बीमार पड़ जाता हैं। क्यों की धूम्रपान करने से शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन ठीक तरीकों से नहीं हैं। जिससे ह्रदय की कार्य प्रणाली प्रभावित होती हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को धूम्रपान से दूर रहना चाहिए और इसका सेवन भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।
2 .ब्रेन को, धूम्रपान करने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल कम जाता हैं। जिससे सबसे ज्यादा ब्रेन को नुकसान पहुंचाता हैं। इससे ब्रेन की कार्य प्रणाली प्रभावित होती हैं तथा ब्रेन में तनाव और डिप्रेशन की समस्या जन्म ले लेती हैं। इससे सोचने समझने की शक्ति प्रभावित होती हैं और इंसान धीरे धीरे मानसिक तौर पर बीमार पड़ जाता हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को धूम्रपान का सेवन नहीं करनी चाहिए। ये सेहत के लिए भी खतरनाक होता हैं।
3 .आंखों को, धूम्रपान आंखों को भी नुकसान पहुंचाता हैं। धूम्रपान करने से आंखों का रंग लाल हो जाता हैं तथा रेटिना की कार्य प्रणाली प्रभावित होती। साथ ही साथ आंखों में कई तरह की समस्या जन्म ले लेती हैं और आंखों से धीरे धीरे धुंधला दिखाई देने लगता हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को इसका ख्याल रखना चाहिए और धूम्रपान का सेवन बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए।
4 .लिवर को, दरअसल धूम्रपान करने से लिवर को भी नुकसान पहुंचाता हैं। इससे लिवर की कार्य प्रणाली प्रभावित होती हैं और लिवर ठीक तरीकों से कार्य नहीं करता हैं। साथ ही साथ लिवर में कई तरह की समस्या उत्पन हो जाती हैं। जिससे इंसान बीमार रहने लगता हैं और इंसान की सेहत धीरे धीरे ख़राब हो जाती हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को इसका ख्याल रखना चाहिए और धूम्रपान का सेवन उसे भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।

Advertisement

Comments are closed.