जियो ने दिया 30 करोड़ मोबाइल बनाने का ऑर्डर, जिससे रिलायंस को होगा करोड़ों का मुनाफा

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आम आदमी तो क्या, बड़े व्यापारी और उनके कर सलाहकार भी शायद अब तक ठीक से GST समझ नहीं सके. जबकि रिलायंस ने पूरा 28% यानि 12600 करोड़ रुपए GST के बचाने और कुल 45000 करोड़ रुपए कमाने की योजना पर काम भी शुरू कर दिया.

कैसे :

सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के अनुसार इसके लिए कम्पनी ने चीन को 30 करोड़ मोबाइल बनाने का ऑर्डर दिया है. यह पोस्ट सच हो सकती है क्योंकि इतनी कम कीमत के सैट चीन में ही बन सकते हैं, भारत में मुश्किल बल्कि असंभव.

mukesh ambani with phone

वैसे कम्पनी ने भी अब तक इस बारे में कुछ बताया नहीं कि, कहां बनेंगे या कहां से आऐंगे.

पोस्ट के अनुसार मोबाइल सैट 10 – 10 करोड़ की तीन खेपों में रिलायंस को चीन से मिलेंगे.

कम्पनी ने घोषणा की है कि वह मोबाइल सैट बेचेगी नहीं, मुफ्त देगी. 1500 – 1500 रुपए तो सिक्योरिटी के रूप में लेगी. तीन साल बाद उपभोक्ता सैट लौटाकर यह रकम वापस ले सकेगा.

इस प्रकार प्रतीत होता है कि, मोबाइल बेचकर भी कम्पनी न बिल देगी, न कैशमेमो और न ही एक साल की वारंटी.

चूंकि, बिल या कैश मेमो नहीं देगी तो सरकार उससे कोई भी टैक्स या GST नहीं ले सकती.

इस प्रकार रिलायंस 10 – 10 हजार मोबाइल सैट पर प्रति खेप 4200 करोड़ की बचत से तीन खेपों में कुल 12600 रुपए की बचत करेगी.

अन्य लाभ :

इस प्रकार कंपनी 28 % जीएसटी सरकार को न देकर 12600 करोड़ का लाभ तो लेगी ही उपभोक्ता से जो 1500 – 1500 जमा कराऐगी उसमें भी सरकार या उसके आयकर जैसे कोई विभाग हाथ नहीं लगा सकेंगे क्योंकि, सिक्योरिटी नाम पर वह उपभोक्ता की रकम होगी, कंपनी की नहीं. 30 करोड़ मोबाइल के लिए 1500 – 1500 के हिसाब से कुल (30 × 1500 = ) 45000 करोड़ रुपए की यह बड़ी रकम किसी बैंक में जमा होगी. उसके बदले कंपनी को उस बैंक से कर्ज मिलेगा, शायद बिना ब्याज ही.

इसके साथ ही कितने सस्ते मोबाइल सेट प्रस्तुत करने का कारण दूसरी कंपनियां बंद हो सकती हैं. तब Reliance का एकाधिकार होगा और वह मनमर्जी कर सकेगी.

कोई आरोप नहीं :

ऐसी स्थिति में भी हम Reliance या अंबानी पर कोई दोष या आरोप नहीं लगा सकते. वह तो परिस्थितियों या सरकार की नीतियों का लाभ ले रहे हैं.

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