35 शतक 44 अर्द्धशतक जड़ने के बावजूद कहीं गुमनाम हो गया भारतीय टीम का ये दिग्गज बल्लेबाज

आज हम आपको भारतीय क्रिकेट टीम के उस खिलाड़ी के बारे में बता रहे हैं जिसने 35 शतक और 44 अर्द्धशतक जड़कर तहलका मचा दिया था. लेकिन ये खिलाड़ी आज गुमनामी के अंधेरे में खो चुका है. ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे टैलेंटेड बल्लेबाजों में से एक विनोद कांबली हैं.

विनोद कांबली ने रणजी ट्रॉफी में अपने करियर की शुरुआत एक छक्के के साथ की थी. जिसके बाद उनके बल्ले से रन बनने का सिलासिला कई साल तक चलता रहा. विनोद कांबली ने कुछ ही समय में रणजी ट्रॉफी में 35 शतक और 44 अर्द्धशतक जड़ डाले थे. जिसके बाद उन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका दिया गया था.

फर्स्ट क्लास मैचों में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए भी उनके प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आई और अपने करियर के पहले 7 मैचों में ही दो दोहरे शतक और दो शतक जड़ डाले. भारतीय टीम में आने के बाद कांबली का प्रदर्शन इतना शानदार था कि सिर्फ 14 पारियों में ही उन्होंने अपने 1000 रन पूरे कर लिए थे.

विनोद कांबली की बल्ले से रन बनाने के साथ ही अच्छी गेंदबाजी भी कर लेते थे. लेकिन उनमें सिर्फ एक ही चीज़ की कमी थी और वो चीज़ थी ‘अनुशासन’. अनुशासनहीनता को ही विनोद कांबली के करियर की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण माना जाता है.

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