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रणजी ट्रोफी 2018-19: जानें कौन सी हैं नई टीमें और क्या हैं नए नियम

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नई दिल्ली
पूर्वोत्तर की डेब्यू कर रहीं सात टीमों सहित रेकॉर्ड कुल 37 टीमें आज से शुरू हो रहे रणजी ट्रोफी घरेलू क्रिकेट टूर्नमेंट में चुनौती पेश करेंगी। मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, उत्तराखंड, सिक्किम, नगालैंड, मेघालय और पुडुचेरी को पहली बार टूर्नमेंट में जगह मिली है जबकि बिहार की वापसी हुई है।

इन टीमों ने हाल में 50 ओवर के विजय हजारे ट्रोफी टूर्नमेंट में भी हिस्सा लिया था लेकिन लाल गेंद से खेलना इनके लिए बड़ी चुनौती होगी। इन नौ टीमों को प्लेट ग्रुप में रखा गया है जो एक-दूसरे के खिलाफ भिड़ेंगी। इनमें से अधिकांश टीमें हालांकि इस सत्र में अपने बाहरी खिलाड़ियों पर निर्भर हैं।

ग्रुप ए सबसे कठिन
ग्रुप ए को इस बार सबसे कठिन ग्रुप माना जा रहा है जिसमें 41 बार की चैंपियन मुंबई, कर्नाटक, महाराष्ट्र, सौराष्ट्र, रेलवे, छत्तीसगढ़, विदर्भ और गुजरात को रखा गया है। छत्तीसगढ़ को छोड़कर ग्रुप में शामिल सभी टीमें चैंपियन रह चुकी हैं। विदर्भ जहां मौजूदा चैंपियन है तो गुजरात ने उससे पहले 2017 में खिताब जीता था। ऐसे में इस ग्रुप में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती हैं।

दिग्गज दिखाएंगे दम
इस बीच घरेलू स्तर के स्टार खिलाड़ी भी टूर्नामेंट में खेलते नजर आएंगे। टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा के सौराष्ट्र की ओर से पहले मैच में छत्तीसगढ़ के खिलाफ खेलने की उम्मीद है जबकि स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और मुरली विजय को मध्य प्रदेश के खिलाफ पहले मैच के लिए तमिलनाडु की टीम में जगह दी गई है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की सीरीज और न्यू जीलैंड दौरे के लिए ए टीम का चयन पहले ही हो चुका है। ऐसे में टूर्नमेंट में अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिलने की उम्मीद नहीं के बराबर है।

नंबर गेम
कुल टीमें 37: पुरानी टीमें-28, नई टीम-9 (जस्टिस लोढ़ा के फैसले के बाद)
ग्रुप- 4
फॉर्मेट- ग्रुप स्टेज तक होम ऐंड अवे स्तर पर मुकाबले होंगे। सभी टीमों को बराबर मुकाबले घरेलू और बाहरी मैदानों पर खेलने होंगे। नॉकआउट मुकाबले न्यूट्रल मैदानों पर खेले जाएंगे।

बैटिंग या बोलिंग के लिए कोई पॉइंट्स नहीं होंगे।

मणिपुर और सिक्किम के पास कोई घरेलू मैदान नहीं है।

ग्रुप ए और बी (18 टीमें)- 9-9 टीमों के दो मजबूत ग्रुप। दोनों ग्रुप से पांच टीमें नॉकआउट्स में पहुंचेंगी। हर ग्रुप की सबसे निचली टीम ग्रुप सी में चली जाएगी।

ग्रुप सी (10 टीमें) इस ग्रुप में मिडल लेवल की 10 टीमें हैं। इस ग्रुप की टॉप 2 टीमें नॉकआउट में जाएंगी और अगले सीजन के लिए ग्रुप ए या बी में प्रमोट कर दी जाएंगी। इस ग्रुप की निचली टीम ग्रुप डी में चली जाएगी।

प्लेट ग्रुप (9 टीमें)- नई 9 टीमों का सबसे कमजोर ग्रुप। इस ग्रुप में टॉप पर रहने वाली टीम नॉकआउट में जाएगी और अगले सीजन के लिए ग्रुप सी में प्रमोट कर दी जाएगी।

ग्रुप- एक नवंबर से 10 जनवरी
क्वॉर्टर फाइनल- 15 से 19 जनवरी
सेमीफाइनल- 24 से 28 जनवरी
फाइनल- 2-6 फरवरी
50 से ज्यादा मैदानों पर होंगे मैच

ग्रुप ए- बड़ौदा, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मुंबई, रेलवे, सौराष्ट्र, विदर्भ
ग्रुप बी- आंध्र प्रदेश, बंगाल, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हैदराबाद, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु

ग्रुप सी- असम, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, सेना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश

प्लेट ग्रुप- अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पडुचेरि, सिक्किम, उत्तराखंड

पॉइंट सिस्टम- 3-1 पारी की बढ़त, 6-0 सीधी जीत पर, 7-0 बोनस अंक के साथ जीत पर। पहली पारी पूरी न होने पर 1-1 अंक। पारी की जीत पर बोनस अंक और 10 विकेट की जीत पर।
पिछला चैंपियन- विदर्भ

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