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ये हैं सांस की बीमारी अस्थमा के कारण, पढ़िए इसका बचाव

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गर्मी का मौसम शुरू हो गया है, गर्मी के मौसम की गर्म हवा और बढ़ता हुआ प्रदूषण लोगों में अस्थमा का कारण बनता है। अस्थमा सांस की गंभीर बीमारी है जिसमें समय पर रोगी को दवा न मिलने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है। आज हम अस्थमा के कारण और बचाव के बारे में पढ़ेंगे। आईए जानते हैं।

क्या है अस्थमा की समस्या

अस्थमा की समस्या में हमारे फेफड़ों तक हवा पहुंचाने वाली नालिकएं प्रभावित होती हैं। अस्थमा की बीमारी होने पर इन नालिकाओं में सूजन आ जाती है। इससे सांस लेने पर हवा सही तरीके से फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में प्रदूषण अस्थमा में बैचैनी का कारण बन सकता है। अस्थमा व्यक्ति को हवा के माध्यम से सबसे ज्यादा अपना शिकार बनाता है। अस्थमा का अटैक होने पर व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, अगर ये अटैक ज्यादा लंबे समय तक रहे तो इससे जान भी जा सकती है।

धूल और प्रदूषण

धूल और प्रदूषण के संकेत में आने से एलर्जी की समस्या हो सकती है, साथ ही इससे व्यक्ति अस्थमा का शिकार हो सकता है। अस्थमा की बीमारी बच्चों को जल्दी अपना शिकार बनाती है, समय रहते इस बीमारी का इलाज करने पर इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

ठंडे-गर्म की समस्या

ये जरूरी नहीं है कि व्यक्ति सिर्फ गर्मी के मौसम में ही अस्थमा का शिकार होता है बल्कि किसी भी मौसम में व्यक्ति इस गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है। गर्मी के मौसम में एसी की ठंडक से बाहर आना या बाहर से एसी की ठंडी हवा में जाने से एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो सकती है, ये अस्थमा का कारण भी बन सकती है।

ठंडी चीजें खाना

लोग अक्सर बाहर से आने के बाद ठंडा पानी या ठंडी चीजें जैसे आईसक्रीम आदि खा लेते हैं, इनके कारण गले में इन्फेक्शन और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है जो अस्थमा का कारण बनती है। ऐसा न करें और तुरंत बाहर से आने पर कोई भी ठंडी चीज न पिएं और न ही खाएं।

मौसम में बदलाव के कारण अस्थमा

डॉक्टर्स का कहना है कि बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा अस्थमा के मरीज देखे जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बरसात के मौसम इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा होता है।

इन्फेक्शन होने पर

प्रदूषण और धूल-मिट्टी के कारण व्यक्ति के नाक और गले में इन्फेक्शन हो सकता है जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, ये अस्थमा का बड़ा कारण बनता है।

इस तरह करें अस्थमा से बचाव

  • बच्चों को गर्मी में बाहर न निकलने दें और गर्मी से बचाएं।
  • अस्थमा से बचाव के लिए गर्मी के मौसम में बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडी चीजों का सेवन न करें।
  • अगर कोई इन्फेक्शन हो जाए तो उसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर को दिखाएं।
  • अगर आपको अस्थमा की समास्या है तो आप कहीं भी जाएं लेकिन अस्थमा की दवाइयों को साथ लेना न भूलें।
  • जरूरी दवाओं को अपने साथ जरूर रखें।

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