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क्या आपने अभी तक नहीं देखा भारत का, यें अनोखा मंदिर

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भारत देश अपने मंदिरों के लिए विश्वविख्यात है तो आज हम जानेंगे एक ऐसे ही अनोखे मंदिर के बारे में जिसका नाम है खजुराहो मंदिर

खजुराहो मंदिर अपनी नागरा आकृति और कलात्मक कलाकृति और कामोत्तेजक मूर्तियो के लिये प्रसिद्ध है।

खजुराहो भारत के मध्यप्रदेश में हिन्दू और जैन मंदिरो का समूह है जो झाँसी से 175 किलोमीटर दूर दक्षिण में

स्थित है। खजुराहो भी यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट में शामिल है।

खजुराहो मंदिरों में कलात्मक कार्य किया गया है जिनमे मंदिर के आंतरिक और बाहरी भागो पर कामोत्तेजक

कलाकृतिया बनायी गयी है। इनमे से कुछ मंदिरों में लंबी दीवारे बनी हुई है जिनमे छोटी लेकिन कामोत्तेजक

कलाकृतिया बनी हुई है। कुछ विद्वानों का ऐसा मानना है की प्राचीन सदियों में यहाँ कामुकता का अभ्यास किया

जाता था। जबकि कुछ विद्वानों का ऐसा कहना है की कामुक कलाकृतिया हिन्दू परंपरा का ही एक भाग है और

मानवी शरीर के लिये यह बहुत जरुरी है। जेम्स मैककोन्नाचि ने अपने कामसूत्र के इतिहास में खजुराहो का भी

वर्णन किया है।

यह मानना गलत होगा की खजुराहो मंदिर केवल कामुक कलाकृतियों के लिये ही प्रसिद्ध है। बल्कि ये कामुक

कलाकृतिया प्राचीन भारत की परंपराओ और कलाओ का प्रतिनिधित्व करती है।

खजुराहो मंदिर का निर्माण कुंडलीदार जटिल रचना के आकार में किया गया है। खजुराहो मंदिर अपनी आकर्षक

कलाकृति और इतिहासिक मूर्तियों के लिये प्रसिद्ध है।

खजुराहो मंदिर के अन्दर के कमरे एक दुसरे से जुड़े हुए है। कमरों में इस तरह से कलाकृति की गयी है की कमरों

की खिडकियों से सूरज की रौशनी पुरे मंदिर में फैले।

खजुराहो मंदिर में मध्यकालीन महिलाओ के जीवन को पारंपरिक तरीके से चित्रित किया हुआ है।

इस मंदिर का निर्माण 950 और 1050 AD में चंदेल साम्राज्य के समय में किया गया था।

प्राचीन काल में खजुराहो समूह में कुल 85 मंदिर थे लेकिन प्राकृतिक आपदाओ के कारण बहोत से मंदिर अब नष्ट

हो चुके है। अब खजुराहो में केवल 22 हिन्दू मंदिर ही बचे हुए है।

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