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कभी नेट पर गेंदबाजी के बदले मिलता था खाना, अब इंडिया सी के लिए खेलेंगे पप्पू

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  • देवधर ट्रॉफी में आज इंडिया सी का मुकाबला इंडिया बी से
  • 23 साल के पप्पू बतौर गेंदबाज टीम में शामिल

Dainik Bhaskar

Oct 24, 2018, 07:27 AM IST

खेल डेस्क. देवधर ट्रॉफी की शुरुआत मंगलवार से हुई। इसमें तीन टीमें इंडिया ए, इंडिया बी और इंडिया सी हिस्सा ले रहीं हैं। इंडिया सी में ओडिशा के पप्पू रॉय भी चुने गए हैं। 23 साल के पप्पू पांच साल पहले तक आजीविका के लिए हावड़ा यूनियन के मैदान पर बल्लेबाजों को नेट्स पर गेंदें डालते थे। इसके बदले कोच उन्हें चाय-नाश्ता और खाना देते थे। धीरे-धीरे उनका गेंदबाजी कौशल निखरता गया और अब वे इंडिया सी टीम का हिस्सा हैं।

गेंदबाजी के बदले में मिलता था खाना
पप्पू मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया, ‘‘मेरे माता-पिता का निधन बहुत पहले हो गया था। पारिवारिक विवाद के कारण मैंने घर छोड़ दिया। पेट भरने के लिए मैं हावड़ा यूनियन के मैदान पर तीन-तीन घंटे तक नेट्स पर बल्लेबाजों के लिए गेंदबाजी किया करता था। इसके बदले में कोच मुझे मुफ्त में खाना और जूस देते थे। यह मेरे लिए एक काम था और 18 साल की उम्र तक मेरी यही दिनचर्या थी।’ धीरे-धीरे पप्पू की क्रिकेट में रुचि बढ़ने लगी। उन्होंने इसे अपना करियर बनाने की सोची। चूंकि, पश्चिम बंगाल में टीम में चुना जाना कठिन था, इसलिए वे ओडिशा के एक छोटे से शहर जाजपुर चले गए। हालांकि, ओडिशा में रहने के दौरान भी बाएं हाथ के इस गेंदबाज का हावड़ा यूनियन के कोच सुजीत साहा से संपर्क लगातार बना रहा।

pappu

दोस्त के पिता के मित्र ने की मदद

पप्पू ओडिशा में अपने दोस्त अमीन इकबाल के पिता के मित्र खान साब के साथ पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने लगे। उनके क्रिकेट के सपने को साकार करने के लिए पिछले पांच साल से खान ही उन्हें सारी सुविधाएं दे रहे हैं। जाजपुर में वे सुबह प्रैक्टिस करते थे। दोपहर में मैच खेलते थे और रात में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे। उनके पास जिम जाने को पैसे नहीं थे, इसलिए खुद को फिट रखने के लिए वे रोजाना वॉर्म-अप के अलावा अपना किट बैग कंधे में टांगकर 30 मिनट तक मैदान का चक्कर लगाते थे। पप्पू की मेहनत रंग लाई। वे जाजपुर के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुने गए। बाद में ओडिशा टीम में उनका चयन हुआ। हालांकि, इस दौरान उनका कंधा चोटिल हो गया। इस पर सुजीत साहा ने उन्हें स्पिन गेंदबाजी करने की सलाह दी। पहले तो यह उन्हें अपनी मर्जी के खिलाफ लगा, लेकिन धीरे-धीरे वे इसमें रम गए।

सचिन को भी कर चुके हैं गेंदबाजी 
पप्पू पहली बार 2013 में सचिन तेंडुलकर से मिले थे। इस मुलाकात के बारे में पप्पू ने बताया, ‘सचिन सर अपनी आखिरी सीरीज खेल रहे थे। कोलकाता में पहले टेस्ट से दो दिन पहले हावड़ा यूनियन के गेंदबाजों को टीम इंडिया के खिलाड़ियों को नेट प्रैक्टिस कराने के लिए बुलाया गया था।’ पप्पू ने कहा, ‘मैं तब जाजपुर में रह रहा था, लेकिन सचिन सर से मिलने की इच्छा लिए मैं रात की बस पकड़कर सुबह कोलकाता पहुंच गया। जब मैं ईडन गार्डन पहुंचा तो गलती से स्पिनर्स की कतार में खड़ा हो गया।’ बाद में मुझे बताया गया कि तेज गेंदबाजों का स्लॉट भर चुका है। मैं अपने सेट में इकलौता था, जो बाएं हाथ से गेंदबाजी कर सकता था। मैंने सोचा, ‘अगर भगवान (सचिन तेंडुलकर) को लेफ्ट आर्म से स्पिन ही डालना है तो यही कर देंगे।’

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कोच ने रविंद्र जडेजा से तुलना की
2015 में पप्पू का चयन ओडिशा अंडर-23 टीम में हुआ। इसके तीन साल बाद 2018 में उन्हें सीनियर टीम में चुना गया। पप्पू ने विजय हजारे ट्रॉफी में टीम के लिए डेब्यू किया। हनुमा विहारी के तौर पर उन्हें लिस्ट ए का पहला विकेट मिला। पप्पू ने बताया, ‘मुझे यह भी नहीं पता था कि विहारी कैसे दिखते हैं, लेकिन जब सब ने मुझे बताया कि आपने भारतीय टीम के खिलाड़ी को आउट किया है। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया। कोच ने मेरी तुलना रविंद्र जडेजा से की।’

आठ मैच में लिए 14 विकेट
ओडिशा के लिए पप्पू ने आठ मैच में 14 विकेट लिए। इस दौरान उनका औसत 18.42 और इकॉनमी रेट 3.79 का रहा। हालांकि, उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद ओडिशा सिर्फ दो मैच ही जीत सका।

ओडिशा के लिए रणजी ट्रॉफी खेलना अगला लक्ष्य
पप्पू का अगला लक्ष्य ओडिशा के लिए रणजी ट्रॅाफी खेलना है। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने राज्य के लिए कुछ करना चाहता हूं। हमारे पास शिव सुंदर दास और रश्मी रंजन परिदा जैसे बेहतरीन खिलाड़ी रहे, लेकिन हम आज तक रणजी चैम्पियन नहीं बन सके। मुझे विश्वास है कि मैं इस सीजन में अच्छा करूंगा।’

इंडिया एः दिनेश कार्तिक (कप्तान और विकेटकीपर), पृथ्वी शॉ, अनमोलप्रीत सिंह, अभिमन्यु ईश्वरन, अंकित बवाने, नितीश राणा, करुण नायर, क्रुणाल पंड्या, रविचंद्रन अश्विन, श्रेयस गोपाल, एस मुलानी, मोहम्मद सिराज, धवल कुलकर्णी, सिद्धार्थ कौल।

इंडिया बीः श्रेयस अय्यर (कप्तान), मयंक अग्रवाल, रितुराज गायकवाड़, पीएस चोपड़ा, हनुमा विहारी, मनोज तिवारी, अंकुश बैंस (विकेटकीपर), रोहित रायुडू, के गौतम, मयंक मार्कंडेय, शाहबाज नदीम, दीपक चाहर, वरुण एरोन, जयदेव उनादकट। 

इंडिया सीः अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अभिनव मुकुंद, शुभमन गिल, आर समर्थ, सुरेश रैना, सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन (विकेटकीपर), विजय शंकर, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल चाहर, पप्पू रॉय, नवदीप सैनी, रजनीश गुरबानी, उमर नजीर।

देवधर ट्रॉफी: शेड्यूल

23 अक्टूबरः इंडिया बी ने इंडिया ए को हराया
24 अक्टूबरः इंडिया बी बनाम इंडिया सी
25 अक्टूबरः इंडिया ए बनाम इंडिया सी
27 अक्टूबरः फाइनल

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