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कब्ज-एसिडिटी गलती से इसबगोल का सेवन करना शरीर के लिए हो सकता है बड़ा खतरा

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Constipation-Acidity Consuming Isabgol by mistake can be a big danger for the body

इसबगोल का पौधा गेहूं के पौधे जैसा दिखता है। इसमें छोटे पत्ते और फूल होते हैं। इस पौधे के बीज एक चिपचिपे सफेद पदार्थ से ढके होते हैं जिसे साइलियम हस्क कहते हैं। इसबगोल पाउडर बाजार में आसानी से मिल जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इसबगोल में शीतलता होती है, जो पुराने दस्त, पेचिश और आंतों की सूजन से राहत दिलाने में कारगर है। यह आंतों की सूजन और सूजन को कम करता है।ज्यादातर कब्ज से पीड़ित लोग इसबगोल को दवा के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

इसबगोल के गलत इस्तेमाल से भी शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। यूं तो इसबगोल के सेवन से मल ढीला हो जाता है, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन आंतों में रुकावट पैदा कर सकता है। अगर आप इसका सूखे पाउडर के रूप में सेवन करते हैं तो यह कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है।

इसबगोल का सेवन कितना और कैसे करें ?

एम्स के पूर्व सलाहकार डॉ. बिमल जंजार के मुताबिक इसबगोल का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन गलत तरीके से सेवन करने पर यह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इसबगोल का सेवन कितना और कैसे करें.?

कब्ज दूर करने के लिए कितना इसबगोल चाहिए:

अगर आप कब्ज से परेशान हैं तो लंच और डिनर से 20 मिनट पहले ईसबगुल का सेवन करें। अगर आपको ज्यादा कब्ज़ नहीं है तो आप इसका सेवन रात के समय कर सकते हैं। इसका सेवन करने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और कब्ज से राहत मिलती है।

इसबगोल का सेवन कैसे करे ?

इसबगोल को सुखाकर खाने से यह गले में चिपक जाती है इसलिए इसे पानी में भिगोकर रखना चाहिए। अगर आप इसे पानी में भिगोकर खाएंगे तो खाने में आसानी होगी और गले में नहीं चिपकेगी।

सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है इसबगोल :

इसबगोल के फायदों की बात करें तो इसके सेवन से वजन को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसबगोल फाइबर से भरपूर होता है और वजन को जल्दी कंट्रोल करता है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है जिससे वजन नियंत्रित रहता है। 5 ग्राम इसबगोल में 4 ग्राम फाइबर होता है। जहां तक ​​कैलोरी की बात है तो इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है।

इसमें मौजूद अघुलनशील फाइबर आंतों की सूजन को कम करता है और मल को ढीला करता है। इसका सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है। इसबगोल ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए बहुत उपयोगी है। इसमें मौजूद जिलेटिन शरीर में ग्लूकोज के टूटने और अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

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